छत्तीसगढ़

कलेक्टर और सीईओ ने शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय का किया निरीक्षण

Shantanu Roy
12 Feb 2026 9:48 PM IST
कलेक्टर और सीईओ ने शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय का किया निरीक्षण
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छग
Gariaband. गरियाबंद। कलेक्टर बी.एस. उइके एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने आज शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय, गरियाबंद का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षण गुणवत्ता, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति तथा आगामी वार्षिक परीक्षा की तैयारी का विस्तार से जायजा लिया। कलेक्टर उइके ने शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ विस्तृत चर्चा कर शैक्षणिक सत्र की प्रगति, अध्यापन पद्धति और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को लेकर
विशेष निर्देश
दिए। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वार्षिक परीक्षा नजदीक है, ऐसे में कक्षा-वार पुनरावृत्ति, टेस्ट का अभ्यास तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सीखने के परिणामों के आधार पर प्रत्येक विद्यार्थियों की व्यक्तिगत प्रगति की निगरानी की जाए और अभिभावकों को भी नियमित रूप से विद्यार्थियों के प्रदर्शन से अवगत कराया जाए। साथ ही पालकों के साथ नियमित रूप से बैठक कर जो विद्यार्थी स्कूल में निरंतर नहीं आते है उसके लिए उन्हें विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के अपार आईडी एवं आधार कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने कक्षाओं में विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम संबंधी प्रश्न पूछे तथा उनकी समझ का आकलन किया। उन्होंने शिक्षकों को सलाह दी कि कक्षाओं में रोचक और सहभागितापूर्ण शिक्षण विधियों का उपयोग बढ़ाया जाए, ताकि बच्चे पढ़ाई में अधिक रुचि लें और परिणाम बेहतर हों। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों, मिड-डे मील व्यवस्था, स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि उपस्थिति में सुधार, समय पर शिक्षण, नियमित मूल्यांकन तथा सीखने के माहौल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर उइके ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत नींव ही विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देती है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे बच्चों में सीखने की उत्सुकता बढ़ाने के लिए रचनात्मक गतिविधियाँ और अतिरिक्त शिक्षण कराये तथा बच्चों के मन से झिझक को दूर करें। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था तथा बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
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